Oxygen crisis,Death and Indian Government :ऑक्सीजन संकट, मौत और भारतीय सरकार

No Death Due to oxygen shortage -Government

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Oxygen crisis
TOPSHOT - In this aerial picture taken on April 26, 2021, burning pyres of victims who lost their lives due to the Covid-19 coronavirus are seen at a cremation ground in New Delhi. (Photo by Jewel SAMAD / AFP) (Photo by JEWEL SAMAD/AFP via Getty Images)

Oxygen crisis,Death and Indian Government ऑक्सीजन संकट, मौत और भारतीय सरकार

Oxygen crisis

No Death Due to oxygen shortage -Government

मानवीयता पूरी तरह से क्षीण, क्या भारत में आपने किसी को दूसरी लहर में ऑक्सीजन संकट से दर दर भटकते,मदद मांगते,जिनकी मौत अस्पताल के भीतर ऑक्सीजन सप्लाई बन्द हो  जाने के कारण हुई, फिर सोशल मीडिया पर ऑक्सीजन  सिलेेंडर वऑक्सीजन बेड मांगने वालों में कौन लोग शामिल थे।

मोदी सरकार की स्वास्थ्य राज्यमंत्री डॉक्टर प्रवीण भारती पवार कि एक जवाब ने सभी अप्रैल-मई की घटनाओं को फेक न्यूज़ में बदल दिया उनका मानना था कि ऑक्सीजन किल्लत से किसी की मौत नहीं हुई। क्या राज्य सरकारें लिख कर देगी तब उसे संसद में हुबहू रख दिया जाएगा जिस संसद को भारत की जनता की आवाज कहा जाता है क्या वे वास्तव में जनता की आवाज है की कोरोना की दूसरी लहर में ऑक्सीजन की कमी से किसी की मौत नहीं हुई क्या यह सही है?

केंद्र ने एक सवाल के जवाब में संसद में कहा कि “ऑक्सीजन की कमी से कोई मौत नहीं हुई” इस उत्तर पर कितने सवाल होंगे? क्या जो लोग ऑक्सीजन की कमी से मर गए वह झूठ था? तो विदेशों से इतनी ऑक्सीजन क्यों मंगवाई गई थी? क्यों ऑक्सीजन ट्रेन देश में चलाई गई थी? क्यों मीडिया व सोशल मीडिया पर इतना हाहाकार मचा था? क्यों ट्विटर पर लोग ऑक्सीजन के लिए मदद की गुहार कर रहे थे ?क्यों हॉस्पिटल के अंदर व बाहर लोग छाती पीट रहे थे? क्या बे सब झूठ था और सरकार जो कह रही है वह सत्य है? भगवान ऐसे लोगों को तो नरक में भी जगह ना मिले, मरने वालों की आत्मा ही जाकर उन लोगों से पूछ सकती है कि आपने ऐसा क्यों किया हमारे साथ ?आजकल आप और हमारी बातों, सवालों को सरकार सुनती ही कहा है जब देश में सांसदों की बातें नहीं सुनी जा रही है तो अपना तो वजूद ही क्या है!

ऑक्सीजन की कमी से मौत का आंकड़ा शून्य

No Death Due to oxygen shortage -Government

               केंद्र सरकार को अप्रैल-मई के दौरान विदेशों से ऑक्सीजन सिलेंडर मंगवाने पड़े थे कई देशों जैसे कनाडा सिंगापुर जापान अमेरिका ने ऑक्सीजन की आपूर्ति की थी देश में स्पेशल ऑक्सीजन ट्रेन चलाई गई थी                                        देशभर में अप्रैल और मई के दौरान कई शहरों में ऑक्सीजन सेंटरों के बाहर लोगों की कतारें आम थी मुख्य मीडिया और सोशल मीडिया ने जो दिखाया वह सब गलत हैं। यह कोरोना से कैसा मुकाबला है जहां फेलियर छिपाने के लिए आंकड़ों व घटनाओं को ही नकार दिया गया कि कुछ हुआ ही नहीं था

केंद्र ने एक सवाल के जवाब में संसद में कहा कि “ऑक्सीजन की कमी से कोई मौत नहीं हुई” इस उत्तर पर कितने सवाल होंगे? क्या जो लोग ऑक्सीजन की कमी से मर गए वह झूठ था? तो विदेशों से इतनी ऑक्सीजन क्यों मंगवाई गई थी? क्यों ऑक्सीजन ट्रेन देश में चलाई गई थी? क्यों मीडिया व सोशल म

Oxygen crisis

राज्यों से डेटा के अभाव में केंद्र ने  शून्य बता दी मौत की संख्या अप्रैल-मई में ऑक्सीजन किल्लत (oxygen shortage) संकट बनकर उभरी था। दिल्ली, गोवा, कर्नाटक ,आंध्र प्रदेश, हरियाणा यहां ऑक्सीजन की कमी से मौत को स्वीकारा और जांच के आदेश दिए गए थे
स्वास्थ्य राज्य का विषय है इसलिए राज्य ही उनका डाटा देंगे लेकिन आप मुझे बताइए कि महामारी अधिनियम के तहत सारी शक्तियां किसके पास थी तथा संक्रमित केस, मौत के अंतिम आंकड़े, कौन जारी कर रहा था मतलब खुद का फेलियर छिपाने के लिए राज्यों को दोष गजब! कल तो यह लोग कह देंगे कि कोरोना से भारत में कोई मौत ही नहीं हुई और यह मान भी लिया जाएगा तथा हुई भी तो वह एक्ट ऑफ गॉड था। इसलिए हमारी तो कोई गलती ही नहीं थी ।

इस घटना पर राहुल गांधी ने लिखा है कि “सिर्फ ऑक्सीजन की कमी ही नहीं थी संवेदनशीलता व सत्य की भारी कमी , तब भी थी आज भी है”
मीडिया रिपोर्टों जांच पैनल लो व अस्पतालों के बयान पर बनाए गए दस्तावेज में कहा गया है कि इस साल 6 अप्रैल से 19 अप्रैल के बीच देश के 110 अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी से 629 मरीजों की मौत हुई लेकिन राज्य ने इन आंकड़ों को मानने से मना कर दिया,बताइए अब ऐसे राज्यो की सरकारों का क्या किया जाए। यह राज्य अब मौत को नकार रहे है। तमिलनाडु,बिहार,मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़,गुजरात, महाराष्ट्र।

कोर्ट की फटकार
इलाहाबाद हाईकोर्ट में ऑक्सीजन की कमी के कारण मौत को जनसंहार कहा था
दिल्ली हाईकोर्ट ने मई में केंद्र को कहा था कि आप अंधे हो सकते हैं, हम नहीं दिल्ली में ऑक्सीजन सप्लाई सुचारू करें

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली में ऑक्सीजन की कमी और इससे होने वाली मौतों के लिए एम्स निदेशक की अध्यक्षता में कमेटी के निर्देश दिए थे

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TOPSHOT – In this aerial picture taken on April 26, 2021, burning pyres of victims who lost their lives due to the Covid-19 coronavirus are seen at a cremation ground in New Delhi. (Photo by Jewel SAMAD / AFP) (Photo by JEWEL SAMAD/AFP via Getty Images)

जब सरकार स्वास्थ्य संकट (helth crisis) यह बताना चाहती ही नहीं थी कि ऑक्सीजन की कमी से कोई मौत हुई है तो वह आंकड़ा क्यों बताएगा
जो हुआ अप्रैल मई में वह किसी ने देखा ही नहीं। सरकार ने कहा को सही और अपनी आंखो से देखा वो ग़लत यह अब तक का सबसे बड़ा सामूहिक फेलियर है सरकार का

संदर्भ:-
www.bbc.com
www.timesofindia.com
www.thewaire
www.ndtv. com
www.epaperm. Patrika.com
www.epaper.bhaskarhindi.com
Ravish kumar (prime time 21-7-2021,9pm,ndtv news channel)