भारतीय मीडिया बनाम सोशल मीडिया की आलोचना का विश्लेषण ( Indian Main stream media vs Social media analysis)

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भारतीय मीडिया बनाम सोशल मीडिया की आलोचना का विश्लेषण
  • भारतीय मीडिया सोशल मीडिया की आलोचना (Indian Main stream media vs Social media analysis)
  • भारतीय मीडिया सोशल मीडिया की आलोचना

 

 

कोविड-19 के दौरान विश्व ने पाया कि सोशल मीडिया व्यक्तियों समुदायों के लिए शारीरिक रूप से अलग रहते हुए भी जुड़े रहने का एक बेहतर तरीका है जिससे कोरोंना संक्रमण भी न फैले। 1918 में स्पेनिश फ्लू महामारी के दौरान दुनिया की एक तिहाई आबादी संक्रमित हुई तब लोगों के पास संचार के इतने माध्यम नहीं थे

21वीं सदी में समाचार जानकारी डाटा सांझा करने में बहुत आगे है जिसमें व्यक्तिगत और व्यवसायिक अपडेट प्रदान करने के लिए फेसबुक ट्विटर यूट्यूब व्हाट्सएप जैसे प्लेटफॉर्म का उपयोग कर रहे हैं यह वैसे ही है जैसे रोटी कपड़ा और मकान है आज इंटरनेट मानव अधिकारों के रूप में प्रयोग कर रहे है तथा अभिव्यक्ति का सबसे बड़ा प्लेटफार्म है

सोशल मीडिया के द्वारा ही सरकारों प्रशासन सिस्टम तथा बड़े-बड़े मीडिया हाउसों की आलोचना की गई जो मीडिया हाउसेस सरकारी तोते के रूप में कार्य कर रहे थे तथा सही व तथ्यपूर्ण खबरों को छुपा कर व्यर्थ की खबरों को प्रमुखता से दिखाते थे जैसे भारत में ही कोविड-19 के समय में सुशांत सिंह के केस को इतना बड़ा चढ़ाकर बताया गया तथा उसकी आड़ में भारत की कोरोना से बिगड़ती गंभीर स्थिति को छुपाया गया

तब जबकि सरकार की कोवीड की नीतियों की उसकी स्थिति की बचाव की डिजास्टर मैनेजमेंट के फेल होने को छुपाया गया तब उनको सरकार की नीतियों की पोल खोलने चाहिए थी उनकी आलोचना करनी चाहिए थी तब उन्होंने इन खबरों को छुपाया

इसी दौरान छोटे पत्रकारों लोकल न्यूज़ चैनलों  गुजरात के दिव्य भास्कर,संदेश जैसे अखबारों ने सच्छी पत्रकारिता दिखाई इसे कार्य करने वाले जांबाज पत्रकारों ने आमजन तक तथ्य पूर्ण खबरें पहुंचाई वास्तविक डाटा बताया गया

Main stream media

मुख्य मीडिया में आजतक, ज़ी न्यूज़,इंडिया टीवी,रिपब्लिक भारत,न्यूज़18, एबीपी न्यूज़ आदि ने सरकार को हर मोर्चे पर बचाया तथा देश के नागरिकों का ध्यान मुख्य मुद्दो से भटकाए रखा,यह लोग रोज आपके में सांप्रदायिक जहर घोल रहे है तथा हिन्दू मुस्लिम ,पाकिस्तान ,दिखा रहा है जबकि देश को बेरोजगारी,महंगाई,जीडीपी,अभिव्यक्ति की आजादी ,मानवाधिकार ,के अहम मुद्दों से भटकाए जा रहा है।

आप से अनुरोध है की अपने स्वयं के विवेक व बुद्धि का प्रयोग कर फैसले ले नहीं   तो इनकी आईटी सेल और व्हाट्सअप यूनिवर्सिटी आपको अंधभक्त बना देगी।

संदर्भ: –
BBC.com
Dw.com
Thehindu.com
Theprint.com
Thewaire.com